कृष्ण जन्माष्टमी कब है? | जन्माष्टमी व्रत की विधि, महत्त्व, तिथि और शुभ मुहूर्त | कृष्ण जन्म की कथा | पर्व की पाठशाला
Column: पर्व की पाठशाला | Writer: डॉ. कृपेश ठक्कर ‘जन्माष्टमी’ भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण का जन्म दिवस
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Column: पर्व की पाठशाला | Writer: डॉ. कृपेश ठक्कर ‘जन्माष्टमी’ भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण का जन्म दिवस
Read Moreदुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले हिंदुओं को एक सूत्र से बाँधने वाला त्योहार है ‘रक्षाबंधन’! श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व ‘राखी का त्योहार’ के नाम से भी जाना जाता है। भाई- बहन के विशिष्ट प्रेम के प्रतीक समान यह त्यौहार प्राचीन काल से मनाया जाता रहा है। चाहे वह देवराज इंद्र और इंद्राणी हों या स्वयं भगवान कृष्ण और द्रौपदी! कच्चे धागे से अटूट रक्षा का वचन निभाने की यह प्रथा आज भी कायम है। इस रक्षा सूत्र ने इंद्र को युद्ध में विजय दिलाई और द्रौपदी के सम्मान की भी रक्षा की। साथ ही भारत के इतिहास में ऐसे कई किस्से हैं।
Read More“किस्से कलम के” की इस कड़ी में, प्रस्तुत है डॉ. कृपेश ठक्कर का हृदयस्पर्शी गीत “है नमन – शहीदों को सलाम”, जो कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को समर्पित है। यह गीत देशभक्ति की गहरी भावना से ओत-प्रोत है और शहीदों के अदम्य साहस और त्याग को बखूबी बयां करता है। गीतकार ने अपने शब्दों के माध्यम से शहीदों की शहादत को अमर कर दिया है और हम सभी को देश सेवा के लिए प्रेरित किया है।
Read More“किस्से कलम के” की इस कड़ी में, प्रस्तुत है डॉ. कृपेश की प्रभावशाली कविता “छाँव जैसे पापा”, जो पिताओं के संघर्ष और कठिन परिश्रम को समर्पित है। यह कविता पिता-पुत्र के अनमोल रिश्ते को प्रतिबिंबित करती है और पिता की भूमिका को उजागर करती है, जो अपने बच्चों के लिए छाया की तरह है।
Read More“किस्से कलम के” की इस कड़ी में, प्रस्तुत है, “ना हुए जुदा” डॉ. कृपेश ठक्कर द्वारा लिखा गया एक रोमांटिक गीत, जो प्यार और विछोह के भावों को सशक्त ढंग से व्यक्त करता है। गीत में प्रेमी अपने प्रिय से दूर होने की पीड़ा को व्यक्त करता है, लेकिन यह भी कहता है कि वह हमेशा उसके साथ है और उसके दिल में बसता है।
Read More“किस्से कलम के” की इस कड़ी में प्रस्तुत है, “ऐ वतन, वंदे मातरम्” गीत, जो डॉ. कृपेश ठक्कर द्वारा लिखा गया एक देशभक्ति गीत है, जो भारत माता के प्रति अटूट समर्पण और प्रेम को व्यक्त करता है। गीत में डॉ. कृपेश अपने देश को अपने रग-रग में बहते हुए खून की तरह महसूस करते है और कहते है कि वह जहां भी रहे, वतन उनके साथ रहता है।
Read More“किस्से कलम के” की इस कड़ी में प्रस्तुत है “मंगलमय सब कर देना”। यह डॉ. कृपेश ठक्कर द्वारा लिखा गया एक हिंदी भक्तिगीत है, जो भगवान गणेश को समर्पित है। गीत में भगवान गणेश को दुःखों का हरण करने वाला और सुख प्रदान करने वाला बताया गया है। भक्त उनके नाम का जाप करके सभी संकटों से मुक्ति पाने की प्रार्थना करता है। वह भगवान से क्षमा मांगता है और उनसे सभी को मंगलमय बनाने का आग्रह करता है।
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