विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस से शुरू हुई ‘म्युझिक थेरेपी फॉर ऑल’ की भारत यात्रा।
50 दिन, 25 शहर और एक मिशन ‘लेट ध म्युझिक हिल’ के साथ डॉ. कृपेश ठक्कर ने आरंभ किया क्रुप हेल्थ का जनसेवा का कर्मयोग
10 अक्टूबर, 2024 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस से ‘म्यूजिक थेरेपी फॉर ऑल – इंडिया टूर’ शुरू हो गई है। जिसमें बेस्ट म्युझिक थेरपिस्ट ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध डॉ. क्रुपेश ठक्कर ‘अर्जुन’ ‘वसुधैव कुटुम्पकम’ की भावना के साथ 50 दिनों के लिए भारत के 25 शहरों में १ मिशन ‘लेट ध म्युझिक हिल’ के साथ म्युझिक थैरेपी के शरीर, मन और प्रकृति में होने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाएंगे।

संगीत प्रकृति के कण-कण में बसता है। : डॉ. क्रुपेश
अंजार – कच्छ के क्रुप गुरुकुल से शुरू हुए इस सफर में डॉ. क्रुपेश गुजरात के मुख्य शहरों से हो कर भारत के प्रमुख शहरों में जाएंगे। इन शहरों में विभिन्न संस्थानों, अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों के साथ-साथ अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और गौशालाओं में संगीत चिकित्सा के व्यक्तिगत और सामूहिक सत्र में सेवा करेंगे। इस बारे में बात करते हुए डॉक्टर ने कहा कि ”संगीत प्रकृति के कण-कण में बसता है। दुनिया का कोई भी व्यक्ति, प्राणी या कोई भी चीज़ संगीत से अलग नहीं। इसलिए, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जाति, उम्र, सामाजिक स्थिति या किसी भी भेदभाव के बिना बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, प्राणीओं और प्रकृति के साथ संगीत के सकारात्मक प्रभावों को बाँटना है।“

इसके अलावा डॉ. क्रुपेश एक गीतकार, संगीतकार, गायक और लेखक के रूप में भी जाने जाते हैं। उन्होंने 100 से अधिक गाने और 18 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उन्होंने एक सफल फिल्म निर्माता के रूप में कई प्रोजेक्ट और लेखक के तौर सात से भी अधिक बेस्ट सेलर किताबें लिखी हैं। उन्होंने एम.बी.बी.एस. और मास्टर्स इन हेल्थ एंड मेनेजमेंट के बाद अमेरिका में रिसर्च क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त किया। गिव वाचा फाउंडेशन के तहत ‘कृप हेल्थ’ के साथ, संगीत, स्वास्थ्य, रिसर्च और मैनेजमेंट में पच्चीस वर्षों का अनुभव लेते हुए, उन्होंने शरीर, मन और प्रकृति पर संगीत चिकित्सा के प्रभावों को साझा करने की अनेक योजनाएं बनाई हैं।
अपने सफल प्रयोगों और रिसर्च के आधार पर, डॉ. क्रुपेश ने कई म्युझिक थेरेपी प्रोजेक्ट का निर्माण किया। उन्होंने सभी के लिए ब्रेन रिवाइरिंग, बच्चों के लिए थर्ड आई एक्टीवेशन, महिलाओं के लिए हैप्पी पीरियड्स, बुजुर्गों के लिए एंटी-एजिंग, युवाओं के लिए बेलेंस्ड लाइफ और कंपनीओं के लिए कॉर्पोरेट म्यूजिक थेरेपी पर 150 से अधिक सेशन किए हैं। इसके अलावा ‘कृप म्यूजिक थेरेपी क्लिनिक एंड रिसर्च सेंटर’ के तहत प्रकृति और प्राणीओं के लिए ‘गौशाला में गुंजे गीता’ परियोजना के साथ भारतीय संगीत के सकारात्मक प्रभावों का अध्ययन और सफल प्रयोग किया है।
इस यात्रा पर एक किताब और एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म भी बनेगी।
इनके कच्छ यूनिवर्सिटी मान्य म्युझिक थेरपी के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स क्रुप गुरुकुल कच्छ में सिखाए जाते हैं। संस्था की ट्रस्टी श्रीमती नयना ठक्कर जी ने इस यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कहा कि ”इस भारत यात्रा के शुरुआती चरण में मुंबई, पुणे, दिल्ली, बेंगलुरु, तथा गुजरात में अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और कच्छ के भुज और गांधीधाम में व्यक्तिगत और सामूहिक सेशन आयोजित किए जाएंगे। जिसके लिए हम विभिन्न संस्थाओं का भी स्वागत करते हैं। अगले कार्यक्रम की घोषणा जल्द ही की जाएगी।“ साथ ही यह जानने मिला है की इस यात्रा का विवरण करते हुए किताब और एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म भी बनाई जाएगी।