हिंदी मिज़ाज | Hindi Mijaaj

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Month: July 2024

कॉलम: किस्से कलम केसाहित्यहिंदी मिजाज विशेष

Song of the Day – है नमन, शहीदों को सलाम | किस्से कलम के

“किस्से कलम के” की इस कड़ी में, प्रस्तुत है डॉ. कृपेश ठक्कर का हृदयस्पर्शी गीत “है नमन – शहीदों को सलाम”, जो कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को समर्पित है। यह गीत देशभक्ति की गहरी भावना से ओत-प्रोत है और शहीदों के अदम्य साहस और त्याग को बखूबी बयां करता है। गीतकार ने अपने शब्दों के माध्यम से शहीदों की शहादत को अमर कर दिया है और हम सभी को देश सेवा के लिए प्रेरित किया है।

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कॉलम: पर्व की पाठशालाधर्म/आध्यात्महिंदी मिजाज विशेष

मंगला गौरी व्रत क्यों किया जाता है? | मंगला गौरी व्रत की कथा, महिमा, पूजन विधि और मुहूर्त | पर्व की पाठशाला

‘मंगला गौरी व्रत’ पूजा, आराधना और व्रत के माध्यम से माँ गौरी को प्रसन्न करने की परंपरा है। खासकर हिन्दू धर्म में इस व्रत कर खास तौर पर लड़कियों और महिलाओं के लिए विशेष महत्त्व है। इस साल में यह व्रत सावन महीने के पहले मंगलवार 23 जुलाई, से शुरू हुआ है और हर मंगलवार को रखा जाएगा। इस व्रत में माता गौरी और महादेव की पूजा की जाती है।

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कॉलम: पर्व की पाठशालाधर्म/आध्यात्महिंदी मिजाज विशेष

श्रावण मास की महिमा, महत्व, नियम, अर्थ और कथा | श्रावण मास २०२४ कब है? | पर्व की पाठशाला

भगवान शिव को अति प्रिय है श्रावण मास! इस पवित्र महीने का हिन्दू धर्म में विशेष महत्त्व है। चातुर्मास में आ रहे इस महीने में मुख्य रूप से भगवान महादेव और देवी पार्वती की आराधना होती है। इस महीने की पूर्णिमा मे श्रवण नक्षत्र आता है इस लिए इसे ‘श्रावण’ मास कहा जाता है। वर्ष 2024 के इस श्रावण महीने में इस बार पाँच सोमवार पड़ते है। पहले सोमवार से शुरू हो रहा यह श्रावण सबके लिए शुभ फलदायी और कल्याणकारी है। ‘पर्व की पाठशाला’ में हम जानेंगे पावन श्रावण मास की महिमा और इससे जुड़ी रोचक कहानियाँ। 

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कॉलम: पर्व की पाठशालाधर्म/आध्यात्महिंदी मिजाज विशेष

महर्षि वेद व्यास की जयंती पर मनाया जाता है गुरु पूर्णिमा का पर्व | कबीर के दोहे | पर्व की पाठशाला

आषाढ़ मास की पूर्णिमा को ‘गुरु पूर्णिमा’ के रूप में मनाया जाता है। इसे ‘व्यास पूर्णिमा’ भी कहा जाता है। क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु के अवतार और आठ चिरंजीवियों में से एक महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। महर्षि व्यासजी ने वेदों की रचना की इसलिए उन्हें ‘वेद व्यास’ कहते हैं एवं गुरुओ के गुरु मानते हैं।

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कॉलम: पर्व की पाठशालाधर्म/आध्यात्महिंदी मिजाज विशेष

देवशयनी एकादशी एवं चातुर्मास की महिमा, महत्व, नियम, अर्थ और कथा | पर्व की पाठशाला

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी अर्थात देवशयनी एकादशी! जिसका वेदों और पुराणों ने बहुत महत्व बताया है। इस एकादशी का महत्व सबसे पहले ब्रह्मा जी ने नारदजी से कहा था, फिर महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को समझाया था। इस एकादशी से ही चतुर्मास का आरंभ होता है। चातुर्मास अर्थात वह चार महीने  जिनमें सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और पाताललोक में निवास करते हैं।

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कॉलम: पर्व की पाठशालाधर्म/आध्यात्महिंदी मिजाज विशेष

जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा का इतिहास, महिमा और उससे जुड़ी कथा। – पर्व की पाठशाला

आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की दूज को मनाया जाता है रथ त्योहार, जिसे सब रथयात्रा के नाम से जानते हैं। यह त्योहार सभी हिन्दू भक्तों के लिए बहुमूल्य उत्सव है, क्योंकी इस दीन जगत के नाथ यानि स्वयं भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों से मिलने मंदिर से बाहर आते हैं। कहा जाता है की अगर भक्त दो कदम चले तो भगवान दस कदम चलकर भक्त के पास आते हैं। इसी भाव का प्रतीक है यह रथयात्रा! पर्व की पाठशाला अर्थात त्योहारों की पाठशाला में आइए जानते हैं, इस रथयात्रा से जुड़े जाने अनजाने किस्से और भगवान जगन्नाथ के विशिष्ट स्वरूप की कहानी।

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