पर्युषण पर्व क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है? | पर्युषण पर्व का इतिहास और महत्त्व | भगवान महावीर के जन्म की कथा | पर्व की पाठशाला
जैन धर्म में सभी त्योहारों का राजा कहलाता है ‘पर्यूषण पर्व’! इसे ‘महापर्व’ और ‘पर्वाधिराज’ भी कहा जाता है। क्योंकि जैन धर्म के मूल सिद्धांतों में से एक है ‘क्षमा’ और पर्युषण ‘क्षमा’ का पर्व है। इसलिए यह सभी जैन लोगों के लिए यह एक प्रमुख त्योहार है। आम तौर पर, पर्युषण आठ दिनों तक मनाया जाता है। जिसमें श्रावण महीने के आखिरी चार दिन और भाद्रपद महीने के पहले चार दिन शामिल होते हैं। जो इस साल 31 अगस्त से शुरू होकर 7 सितंबर तक रहेगा। श्वेतांबर जैन आठ दिनों तक पर्यूषण मनाते हैं, जबकि दिगंबर जैन दस दिनों तक पर्यूषण मनाते हैं, इसलिए इसे ‘दसलक्षण पर्व’ भी कहते है। पर्व की पाठशाला में हम जानेंगे पर्युषण पर्व की रोचक बातें और भगवान महावीर के जन्म की कहानी।
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