देवशयनी एकादशी एवं चातुर्मास की महिमा, महत्व, नियम, अर्थ और कथा | पर्व की पाठशाला
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी अर्थात देवशयनी एकादशी! जिसका वेदों और पुराणों ने बहुत महत्व बताया है। इस एकादशी का महत्व सबसे पहले ब्रह्मा जी ने नारदजी से कहा था, फिर महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को समझाया था। इस एकादशी से ही चतुर्मास का आरंभ होता है। चातुर्मास अर्थात वह चार महीने जिनमें सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और पाताललोक में निवास करते हैं।
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