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Month: September 2024

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इंदिरा एकादशी व्रत करने से 7 पीढ़ियों के पितरों को मिलता है मोक्ष | जानिए इस एकादशी व्रत की पूजा विधि और महत्व | पर्व की पाठशाला

‘इंदिरा एकादशी’ श्राद्ध पक्ष यानी की भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी है। हमारे शास्त्रों में इस एकादशी की अपार महिमा का वर्णन किया है। इस साल इंदिरा एकादशी 27 सितंबर को है। पिछले अंक में जब हमने श्राद्ध पक्ष की महिमा और पितृ पक्ष में पितरों की मुक्ति के उपायों के बारे में जाना था, तो आज ‘पर्व की पाठशाला’ में इंदिरा एकादशी की महिमा और कथा जानेंगे।

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कॉलम: पर्व की पाठशालाधर्म/आध्यात्महिंदी मिजाज विशेष

श्राद्ध पक्ष कब शुरू होता है? | श्राद्ध का महत्व एवं महिमा | श्राद्ध की पौराणिक कथा | पर्व की पाठशाला

सनातन धर्म में श्रद्धा भाव से पितरों को अर्पण करना ‘श्राद्ध’ कहलाता है! और भाद्रपद माह में सोलह दिनों तक मनाए जाने वाले श्राद्धों के समूह को ‘श्राद्ध पक्ष’ कहा जाता है! इस श्राद्ध पक्ष के दिनों को ‘पितृ तर्पण के दिन’ भी कहा जाता है। श्राद्ध पक्ष भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होता है और इसी माह की अमास के साथ समाप्त होता है। ‘पर्व की पाठशाला’ में हम जानेंगे श्राद्ध पक्ष से जुड़ी रोचक बातें और कहानियां।

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वामन जयंती का महत्व, पूजा और पौराणिक कथा | भगवान विष्णु ने वामन अवतार क्यों लिया? | पर्व की पाठशाला

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की बारहवीं तिथि को ‘वामन जयंती’ के रूप में मनाया जाता है, जिसे ‘वामन द्वादशी’ भी कहते है। भागवत महापुराण के अनुसार त्रेता युग में भगवान विष्णु ‘वामन’ रूप धारण करके देवी अदिति के गर्भ से प्रकट हुए थे। इसलिए उनके जन्म दिवस को ‘वामन जयंती’ के रूप में मनाया जाता है। इससे पहले जब ‘पर्व की पाठशाला’ में देवशयनी एकादशी के अवसर पर हमें वामन भगवान का थोड़ा परिचय मिला था, तो अब उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके बारे में थोड़ा विस्तार से जानेंगे।

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