जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा का इतिहास, महिमा और उससे जुड़ी कथा। – पर्व की पाठशाला
आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की दूज को मनाया जाता है रथ त्योहार, जिसे सब रथयात्रा के नाम से जानते हैं। यह त्योहार सभी हिन्दू भक्तों के लिए बहुमूल्य उत्सव है, क्योंकी इस दीन जगत के नाथ यानि स्वयं भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों से मिलने मंदिर से बाहर आते हैं। कहा जाता है की अगर भक्त दो कदम चले तो भगवान दस कदम चलकर भक्त के पास आते हैं। इसी भाव का प्रतीक है यह रथयात्रा! पर्व की पाठशाला अर्थात त्योहारों की पाठशाला में आइए जानते हैं, इस रथयात्रा से जुड़े जाने अनजाने किस्से और भगवान जगन्नाथ के विशिष्ट स्वरूप की कहानी।
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